वाराणसी कोर्ट से पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को जमानत मिल गई है। जिला जज संजीव शुक्ला की कोर्ट ने जमानत के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। इसके बाद पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को 50-50 हजार दो जमानतदार और बंधपत्र देने पर जमानत देने का आदेश दिया।
हालांकि, देवरिया केस में अभी उन्हें जमानत नहीं मिली है, इसलिए रिहा नहीं होंगे। फिलहाल अमिताभ ठाकुर जेल में नहीं हैं। वह अभी लखनऊ PGI में इलाज करा रहे हैं।

पुलिस ने 19 दिसंबर को ‘बी’ वारंट पर अमिताभ ठाकुर को देवरिया जेल से लाकर वाराणसी कोर्ट में पेश किया था।
अब जानिए क्या है मामला?
हिंदू युवा वाहिनी नेता और बड़ी पियरी निवासी अंबरीश सिंह भोला ने पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर के खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि 30 नवंबर को अमिताभ ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन पर कफ सिरप तस्करी में संलिप्त होने के झूठे आरोप लगाए गए। इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा।
तहरीर में अंबरीश सिंह भोला ने बताया कि अमिताभ ठाकुर ने अपने एक्स हैंडल @amitabhthakur से 30 नवंबर को एक पत्र पोस्ट किया था, जिसमें उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर का नाम भी अंकित था। पत्र में दोनों को आजाद अधिकार सेना का अध्यक्ष और महासचिव बताया गया था।

पुलिस अमिताभ ठाकुर को वाराणसी जेल से कोर्ट लेकर पहुंची थी।
इस पत्र के साथ एक वीडियो भी साझा किया गया, जिसमें उनके खिलाफ कथित रूप से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने के मनगढ़ंत आरोप लगाए गए। इससे उनकी छवि धूमिल हुई, जिसके चलते एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई।
अदालत द्वारा मामले में वारंट ‘बी’ जारी होने के बाद पुलिस ने 19 दिसंबर को अमिताभ ठाकुर को देवरिया जेल से लाकर प्रभारी विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव मुकुल पांडेय की अदालत में पेश किया था। जमानत अर्जी पर सुनवाई नही हो सकी थी।