वाराणसी की दालमंडी गली के चौड़ीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में मंगलवार सुबह 6 बजे से पीडब्ल्यूडी और वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की टीम ने संयुक्त अभियान चलाते हुए अवैध घोषित 12 मकानों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे अभियान की ड्रोन से निगरानी की गई।
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप को देखते हुए पिछले दो दिनों से दालमंडी में सुबह 6 बजे से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को भी तय समय पर दो बुलडोजरों की मदद से वीडीए द्वारा अवैध घोषित भवनों को गिराने का काम शुरू किया गया।
कार्रवाई से पहले संबंधित भवनों के मालिकों और वहां रहने वाले लोगों को मकान खाली करने की चेतावनी दी गई। प्रशासन की ओर से पूर्व में नोटिस जारी करने के साथ मुनादी कराकर भी ध्वस्तीकरण की सूचना दी जा चुकी थी।
पहले तोड़े गए दुकानों के शटर
अभियान के दौरान बुलडोजरों ने सबसे पहले मकानों के नीचे बनी दुकानों को निशाना बनाया। दुकानों के शटर उखाड़े गए और इसके बाद भवनों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई।
ध्वस्तीकरण के दौरान मकानों के बारजे और मुख्य रास्ते के कुछ हिस्सों को भी क्षतिग्रस्त किया गया। मौके पर वीडीए और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे।
200 पुलिसकर्मी और ड्रोन से निगरानी
एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए करीब 200 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
उन्होंने कहा कि पूरे अभियान की ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। मंगलवार को 12 मकानों पर कार्रवाई की गई है। इसके बाद चिह्नित भवनों में अब केवल 19 मकान ही शेष रह गए हैं, जिनका ध्वस्तीकरण किया जाना है।
इन भवनों पर हुई कार्रवाई
वीडीए की ओर से अवैध घोषित मकान संख्या सीके-42/85-ए, सीके-42/104, सीके-69/27, सीके-42/86-ए, सीके-39/6, सीके-42/1, सीके-67/25-1, सीके-39/2, सीके-50/217, सीके-50/218, सीके-39/7, सीके-43/160-ए और सीके-43/171 पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
प्रशासन का मानना है कि दालमंडी गली के चौड़ीकरण से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इसी उद्देश्य से चरणबद्ध तरीके से चिह्नित भवनों को हटाने की कार्रवाई जारी है।